: CM शिवराज ने कांग्रेस के वचन पत्र से जनता को सावधान रहने को कहा
Tue, Oct 17, 2023
भोपाल.
कांग्रेस पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए आज अपना वचन पत्र जारी कर दिया है। कांग्रेस ने इसमें प्रदेशवासियों को 100 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने, कर्मचारियों को पुरानी पेंशन और युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने, 25 लाख का स्वास्थ्य बीमा, 10 लाख दुर्घटना बीमा समेत अनेक वादे किए गए हैं। इसमें 1290 वचन हैं। सीएम शिवराज सिंह ने कांग्रेस के वचन पत्र को लेकर प्रतिक्रिया दी है। शिवराज ने कहा कि यह कांग्रेस का महाझूठ पत्र है। पांच साल पहले भी उन्होंने 900 से ज्यादा वचन दिए थे, जिसमें से नौ वचन भी पूरे नहीं किए। आज तक लोग तरस रहे हैं।
कांग्रेस के सारे वचन झूठे
शिवराज ने कहा कि प्रदेश के नौजवान पूछ रहे हैं कि 4000 बेरोजगारी भत्ता कब मिलेगा। समर्थन मूल्य पर बोनस कब मिलेगा, समूहों का कर्जा कब माफ होगा। उन्होंने एक नहीं अनेक वचन दिए थे, सारे के सारे झूठे निकले। और आज फिर महाझूठ पत्र प्रस्तुत कर दिया।
भाजपा जो नहीं कहती, उसे भी पूरा करती है
शिवराज ने कहा कि कांग्रेस के इस झूठ पर जनता भरोसा नहीं करने वाली क्योंकि जनता जानती है कि भाजपा जो कहती है वो पूरा करती है और जो नहीं कहती, उसे भी पूरा करती है। लाड़ली बहना योजना दृष्टि पत्र में नहीं थी, लेकिन हमने लागू की। लेकिन कांग्रेस की सच्चाई जनता जानती है, वह भ्रम में नहीं आने वाली।
यही कांग्रेस का असली चेहरा
शिवराज ने कमल नाथ के एक वायरल वीडियो पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें वह शिवपुरी से केपी सिंह को कांग्रेस की ओर प्रत्याशी बनाए जाने पर असहमति जता रहे हैं और कह रहे हैं कि ऐसा दिग्विजय सिंह व जयवर्धन सिंह की वजह से हुआ। शिवराज ने वायरल वीडियो को लेकर कहा कि ये कांग्रेस का असली चेहरा है।
एक पूर्व मुख्यमंत्री दूसरे पूर्व मुख्यमंत्री के लिए कह रहा है “जाओ उनके कपड़े फाड़ो, उनके बेटे के कपड़े फाड़ो।” ये कांग्रेस का असली स्वरूप है और कांग्रेस कितनी है मुझे ये भी नही समझ आता। कांग्रेस के टिकट कहां तय हो रहे हैं..? अभी ये भी कहा गया कि छिंदवाड़ा के टिकट नकुल नाथ घोषित करेंगे और नकुल नाथ के घोषित करने के बाद फिर दिल्ली से घोषित होंगे। दो टिकट उन्होंने घोषित भी कर दिए।
क्या सबकी कांग्रेस अलग-अलग?
इसको लेकर शिवराज ने सवालिया अंदाज में कहा कि क्या सोनिया गांधी की कांग्रेस अलग है? कमल नाथ की कांग्रेस अलग है? नकुल नाथ की कांग्रेस अलग है? कांग्रेस कितनी है..,कांग्रेस किसकी है.. और कांग्रेस क्या है ये जनता जानना चाहती है..।
प्रह्लाद सिंह पटेल ने भी दी प्रतिक्रिया
कांग्रेस के घोषणापत्र पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होने कहा कि, ‘कांग्रेस की सूची जारी होने के बाद जो इस्तीफों की झड़ी लगी थी उसे भूलाने के लिए यह वचनपत्र आया है। यह झूठ का पुलिंदा है। यह भ्रम फैलाने की कोशिश है, यह लालच की राजनीति है। परिवारवाद और तुष्टिकरण उनकी सूची में और लालच और भ्रम उनके घोषणापत्र में है।’
कांग्रेस का वचन पत्र झूठ का पुलिंदा
कांग्रेस के घोषणापत्र को केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने झूठ का पुलिंदा करार दिया है। तोमर ने कहा कि ‘कांग्रेस का वचनपत्र झूठ का पुलिंदा है। पहले भी वे किसानों, बेरोज़गार युवाओं को लेकर वादा कर चुके हैं लेकिन उन्होंने उसे पूरा नहीं किया। उनके वचनपत्र को मध्य प्रदेश की जनता झूठ ही मानेगी।’
: BJP के बागी पर कमलनाथ का दांव जानता है RSS की 'काट'
Tue, Oct 17, 2023
दतिया
मध्य प्रदेश के दतिया जिले में स्थित पीतांबरा पीठ एक तीर्थस्थल है। इसके चलते केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी जैसे नेताओं के लिए दतिया तीर्थस्थल बन गया है। मध्य प्रदेश के गृह मंत्री और सात बार के विधायक नरोत्तम मिश्रा का ये 'गढ़' भी है। एमपी विधानसभा की दतिया सीट हाई-प्रोफाइल निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है। बीते रविवार को सीएम शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा और नरोत्तम मिश्रा ने बीजेपी के चुनाव अभियान की शुरुआत के मौके पर यहां पीतांबरा पीठ मंदिर में पूजा-अर्चना की थी।
कांग्रेस ने दतिया में बीजेपी के नरोत्तम मिश्रा को शिकस्त देने के लिए आरएसएस के पूर्व पदाधिकारी और बीजेपी के 'बागी' को मैदान में उतार दिया है, जो आरएसएस की रणनीति और बीजेपी के दांव-पेच अच्छे से समझता है। कांग्रेस के दतिया से प्रत्याशी का नाम है अवधेश नायक। ये वही अवधेश नायक हैं, जो नरोत्तम मिश्रा के पिछले विधानसभा चुनाव में जीत के सूत्रधार रहे थे। नायक इसी साल अगस्त में बीजेपी से कांग्रेस में शामिल हुए थे। हालांकि तीन चुनावों से नरोत्तम मिश्रा के खिलाफ प्रतिद्वंद्वी रहे कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती के समर्थकों ने अवधेश नायक की उम्मीदवारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है।
नरोत्तम मिश्रा के खिलाफ अवधेश को कांग्रेस ने क्यों चुना?
कांग्रेस ने एक पूर्व बीजेपी नेता को दतिया में नरोत्तम मिश्रा के खिलाफ क्यों चुना? इस पर पीसीसी प्रमुख कमल नाथ ने कहा- 'हमने पूर्व बीजेपी कार्यकर्ताओं को टिकट दिया है। हमने बिना किसी शर्त के उनका पार्टी में स्वागत किया। हमने कहा कि उन्हें स्थानीय कांग्रेस नेतृत्व का समर्थन होना चाहिए। इसलिए जब भी किसी अलग पार्टी से कोई व्यक्ति शामिल होता था, तो हमारे जिला अध्यक्ष और अन्य स्थानीय पदाधिकारी अनुमोदन के तौर पर मंच पर बैठते थे।'
यूं शुरू हुई थी अवधेश नायक और नरोत्तम मिश्रा के बीच अनबन
अवधेश नायक ने इसके पहले 2003 में बीजेपी के टिकट पर दतिया सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन कांग्रेस से 2,904 वोटों से हार गए थे। नरोत्तम मिश्रा ने 1990, 1993, 1998 और 2003 में ग्वालियर के डबरा निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़ा। 2008 में परिसीमन के बाद दतिया चले गए क्योंकि डबरा एक आरक्षित सीट बन गई। और यहीं से अवधेश नायक और नरोत्तम मिश्रा के बीच अनबन शुरू हुई।
2008 में बीजेपी से निकाले जाने के बाद उमा भारती ने भारतीय जन शक्ति पार्टी बनाई और अवधेश नायक को दतिया से मिश्रा के खिलाफ मैदान में उतारा, लेकिन वह हार गए। 2009 में नायक बीजेपी में लौट आए और 2013 के चुनाव में नरोत्तम मिश्रा के लिए पार्टी के अभियान और रणनीति टीम का हिस्सा बन गए। नरोत्तम मिश्रा 11,697 वोटों से जीते। जीत के बाद अवधेश नायक ने कैबिनेट मंत्री को माला पहनाई, लेकिन मिश्रा ने माला उतार दी। इससे दरार और बढ़ गई।
2005 से एमपी कैबिनेट के सदस्य रहे हैं नरोत्तम मिश्रा
नरोत्तम मिश्रा 1 जून 2005 से एमपी कैबिनेट के सदस्य रहे हैं। उनके पास जल संसाधन, शहरी विकास, विधायी मामले, स्वास्थ्य, आवास, चिकित्सा शिक्षा, जनसंपर्क और गृह मामलों जैसे महत्वपूर्ण विभाग हैं। वह लगभग एक दशक तक सरकार के प्रवक्ता भी रहे हैं।
पिछले विधानसभा चुनाव में, कांग्रेस के राजेंद्र भारती के खिलाफ नरोत्तम मिश्रा की जीत का अंतर घटकर 2,556 वोट रह गया था। 2008 में उमा भारती ने मंत्री के खिलाफ कथित तौर पर पॉजिटिव न्यूज के लिए रुपये देने के बारे में चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। ये मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है।
कांग्रेस ने क्यों बनाया अवधेश नायक को प्रत्याशी?
कांग्रेस के सर्वेक्षणों के अनुसार, अवधेश नायक को गृह मंत्री को चुनौती देने के लिए सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवार के रूप में पेश किया गया है। मिश्रा और नायक दोनों ब्राह्मण हैं। इस समुदाय के निर्वाचन क्षेत्र में 30,000 वोट हैं। दतिया में उच्च जाति के ब्राह्मण और ठाकुर सामूहिक रूप से कुल वोटों का 22% हिस्सा हैं, जबकि ओबीसी 50 फीसदी और एससी/एसटी/अल्पसंख्यक वोट 28 फीसदी हैं। विधानसभा सीट पर 190,905 पंजीकृत मतदाता हैं।
: जब मंच पर ही कमलनाथ और दिग्विजय में नोकझोंक. . .
Tue, Oct 17, 2023
भोपाल
मध्य प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस के दो बड़े नेताओं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बीच कथित गुटबाजी की खबरों के दौरान मंगलावर को एक रोचक स्थिति पैदा हो गई। कांग्रेस ने मंगलवार को पार्टी का घोषणा पत्र जारी कर दिया है। इस दौरान मंच पर कमलनाथ के साथ-साथ दिग्विजय सिंह भी मौजूद थे। इस दौरान जब कमलनाथ ने एक मंच से कहा कि उन्होंने दिग्विजय सिंह को बहुत पहले उनके लिए ( कमलनाथ के लिए) 'गाली खाने' की 'पावर ऑफ अटॉर्नी' दी थी और ये आज तक 'वैलिड' है। दोनों नेता विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का वचन पत्र जारी किए जाने के समारोह के दौरान मंच साझा कर रहे थे। इस दौरान कमलनाथ ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि अभी उनके पास दिग्विजय सिंह के 'कपड़े फाड़ने' से जुड़ी बात सामने आई है। इसी क्रम में उन्होंने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए हल्के- फुल्के लहजे में कहा कि अगर दिग्विजय सिंह आपकी बात ना मानें तो आप भी इनके कपड़े फाड़ें।
इसी बीच मंच पर उपस्थित दिग्विजय सिंह और कमलनाथ को बीच में टोक कर बोले कि फॉर्म ए और फॉर्म बी पर पीसीसी (प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष) के दस्तखत होते हैं, तो कपड़े किनके फटने चाहिए। उनकी बात पर वहां मौजूद कांग्रेस के सभी नेताओं ने ठहाके लगाए। इसके फौरन बाद कमलनाथ ने कहा कि उनका और दिग्विजय सिंह का संबंध बहुत पुराना है और हंसी-मजाक के साथ प्यार का भी है। इसी दौरान दिग्विजय सिंह मंच पर किसी अन्य से बात करने लगे, जिस पर कमलनाथ ने उन्हें टोकते हुए कहा कि ' दिग्विजय सुनते रहो'।
अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कमलनाथ ने मजाकिया लहजे में कहा कि बहुत पहले मैंने इन्हें ( दग्विजिय सिंह को) 'पावर ऑफ अटॉर्नी' दी थी कि कमलनाथ के लिए पूरी गाली खाइए और ये 'पावर ऑफ अटॉर्नी' आज के दिन भी वैलिड है। इस पर दिग्विजय सिंह ने हंसते हुए उन्हें एक बार फिर टोका और पूछा कि गलती कौन कर रहा है, ये तो पता होना चाहिए। उनकी बात पूरी होते ही कमलनाथ ने उनकी ओर इशारा करते हुए कहा कि गलती हो या ना हो, गाली तो खानी है। इन्होंने (दिग्विजय सिंह ने) मेरे लिए ( कमलनाथ स्वयं के लिए) बहुत कड़वे घूंट पिए हैं, आगे भी पीने पड़ेंगे।
दरअसल कल देर शाम सोशल मीडिया पर कमलनाथ का एक वीडियो वायरल हो गया था, जिसमें वे कथित तौर पर असंतुष्टों के बीच कहते हुए सुनाई दे रहे थे कि वे जाकर दिग्विजय सिंह और उनके पुत्र जयवर्धन सिंह के 'कपड़े फाड़ें।' बताया जा रहा है कि इस वीडियो में कमलनाथ भाजपा से कांग्रेस में आए शिवपुरी के नेता वीरेंद्र रघुवंशी और उनके समर्थकों से ये बात कर रहे हैं। रघुवंशी भाजपा छोड़ कर आने के बाद शिवपुरी से कांग्रेस का टिकट मांग रहे थे, लेकिन उनके स्थान पर पिछोर से विधायक रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता के पी सिंह को टिकट दे दिया गया। बताया जा रहा है कि कमलनाथ इसके लिए दिग्विजय सिंह को जम्मिेदार मानते हुए श्री रघुवंशी को ये परामर्श दे रहे हैं।
इसके बाद आज सुबह दिग्वजिय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बिना किसी का नाम लिए पोस्ट किया, 'जब परिवार बड़ा होता है तो सामूहिक सुख और सामूहिक द्वंद्व दोनों होते हैं। समझदारी यही कहती है कि बड़े लोग धैर्यपूर्वक समाधान निकालें। ईश्वर भी उन्हीं का साथ देते हैं जो मन और मेहनत का मेल रखते हैं।' दोनों नेताओं के बीच के इस घटनाक्रम के बाद से भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं ने दोनों के बीच गुटबाजी की अटकलों को और हवा देनी शुरु कर दी थी।