: धान बेचने नहीं पहुंचे 5474 किसान : नहीं हुई 8 करोड़ रूपए की कर्ज वसूली
Admin
Tue, Feb 7, 2023
अनिश व्यास
जांजगीर-चांपा | समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी पूर्ण हो चुकी है | इधर, दोनों जिलों में धान बेचने के लिए पंजीयन कराने के बाद भी 5 हजार 474 किसान ऐसे हैं जो धन बेचने उपार्जन केंद्रों तक नहीं आए | ऐसे में एक ओर जहां किसानों को बांटे गए 295 करोड़ में से 8 करोड़ का कर्ज वसूल नहीं हो पाया तो वहीँ दोनों जिलों में खरीदी का लक्ष्य भी पूर्ण नहीं हो पाया | अब इसे किसानों से नगद के रूप में वसूल किया जाएगा | वहीँ कर्ज अदायगी नहीं होने की स्थिति में किसानों को फिर से कर्ज नहीं मिल पाएगा |
गौरतलब है कि खेती-किसानी करने के लिए किसानों को हर साल सहकारी बैकों के जरिए जीरो प्रतिशत ब्याज दर पर खाद-बीज के लिए ऋण बांटा जाता है | इस ऋण की वसूली धान बेचते समय ही किसानों से कर ली जाती है और कर्ज का पैसा काटकर किसानों को धान का पैसा मिलता है | इस तरह समितियों में धान खरीदी के दौरान ही लिंकिंग के जरिए कर्ज की वसूली भी हो जाती है | मगर इस साल पंजीकृत जांजगीर में एक लाख 17112 में से 1 लाख 13973 और सक्ती जिले में पंजीकृत 86 हजार 844 में से 84 हजार 509 किसानों ने ही धान बेचा | इस तरह दोनों जिलों में 5474 किसान धान बेचने नहीं पहुंचे | इनमें से कई किसान ऐसे हैं जिन्होंने समितियों ने कर्ज ले रखा है पर धान नहीं बेचा | ऐसे में किसानों से लिंकिंग के जरिए कर्ज की वसूली नहीं हो पाई | पंजीकृत सारे किसान धान बेचने पहुंचते तो लिंकिंग के जरिए वसूली हो जाती | अब जिन किसानो ने समिति से कर्ज लिया है और धान नहीं बेचा, उनसे नगद कर्ज की राशि वसूल की जाएगी | अभी भी 15 मार्च कर्ज जमा करने पर ब्याज नहीं लगेगा |
लक्ष्य रह गया अधूरा
दोनों जिला मिलाकर इस बार भी रिकार्ड खरीदी हुई है और प्रदेश में अव्वल रहे हैं पर 5 हजार से ज्यादा किसानों ने धान नहीं बेचा | इसके चलते प्रशासन ने खरीदी का जो लक्ष्य रखा था वह पूर्ण नहीं हो पाया | सक्ती जिलें में 40 लाख क्विंटल का लक्ष्य रखा गया था जिसमें 36 लाख 50 हजार 91 हजार 800 क्विंटल ही खरीदी हुई | वहीँ जांजगीर-चांपा जिले में 47 लाख क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य था जिसके एवज में 46 लाख 20 हजार 384 हजार 80 क्विंटल खरीदी हुई |
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