: मक्का और मदीना के घर सऊदी अरब ने हज 2024 की तैयारियां की शुरू
Wed, Dec 6, 2023
नई दिल्ली
इस्लाम के दो सबसे पवित्र शहरों मक्का और मदीना के घर सऊदी अरब ने हज 2024 की तैयारियां शुरू कर दी है. सऊदी अरब ने हज के लिए ऑनलाइन नामांकन खोल दिया है. हालांकि, यह नामांकन फिलहाल कुछ देशों के लिए ही खुला है. अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के मुसलमान ही हज के लिए ऑनलाइन नामांकन भर सकते हैं.
माइक्रो ब्लॉगिंग साइट एक्स (पहले ट्विटर) पर सऊदी अरब के हज और उमराह मंत्रालय ने कहा है कि जो लोग अगले साल हज के लिए जाना चाहते हैं वो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Nusuk के जरिए रेजिस्ट्रेशन कर सकते हैं.
Nusuk हज प्लेटफॉर्म को हज और उमराह मंत्रालय ने साल 2022 में लॉन्च किया था. इसका उद्देश्य हज यात्रियों की यात्रा को सुविधाजनक बनाना है.
सऊदी अरब ने फिलहाल भारत और बाकी एशियाई देशों के मुसलमानों के लिए रेजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू नहीं की है. हज 2024 के लिए 1 मार्च से वीजा मिलना शुरू हो जाएगा और 24 अप्रैल तक वीजा के लिए आवेदन किया जा सकता है.
इस्लाम में इन मुसलमानों के लिए हज यात्रा है जरूरी
मक्का में जाकर हज करना इस्लाम में सबसे पवित्र माना गया है. हज को इस्लाम के पांच पवित्र स्तंभों में से एक माना गया है. हज करना इस्लाम धर्म मानने वालों का धार्मिक कर्तव्य माना जाता है. इस्लाम में आर्थिक और शारीरिक रूप से सक्षम मुसलमान के लिए हज करना अनिवार्य माना जाता है. मान्यता है कि हज करने से पाप धुल जाते हैं और अल्लाह आपकी प्रार्थना सुनते हैं.
महिलाओं के हज जाने को लेकर सऊदी सरकार की नीतियों में नरमी
सऊदी अरब पहले रूढ़िवादी इस्लामिक नीतियों पर चलता था लेकिन मोहम्मद बिन सलमान के आने के बाद से ही सऊदी उदार इस्लाम की राह पर है. सऊदी अरब के वास्तविक शासक मोहम्मद बिन सलमान ने महिलाओं को लेकर कई बड़े सुधार किए हैं. इसी के तहत महिलाओं को अकेले हज पर जाने की इजाजत भी दी गई है. पहले महिलाएं बिना किसी पुरुष साथी (महरम) के हज पर नहीं जा सकती थीं लेकिन अब सऊदी अरब ने महिलाओं को हज पर अकेले जाने की इजाजत दे दी है.
हज के लिए हर साल दुनिया भर से लाखों मुसलमान सऊदी अरब पहुंचते हैं. साल 2023 में हज के लिए 18 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे थे. कोविड के बाद हाजियों की यह सबसे अधिक संख्या थी.
दिल्ली स्टेट हज कमेटी की चेयरपर्सन कौसर जहां के अनुसार, हज आवेदन पत्र हज कमेटी ऑफ इंडिया की वेबसाइट और मोबाइल एप 'हज सुविधा' पर भरा जा सकता हैं।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष हज बैतुल्लाह 2024 के लिए जाने का इरादा रखने वाले, ऐसे व्यक्ति जिनके पास अभी तक मशीन पठनीय पासपोर्ट नहीं है, उनके लिये पासपोर्ट कायालर्य, विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से हज मंजिल दिल्ली स्टेट हज कमेटी में एक विशेष पासपोर्ट फॉर्म काउंटर की व्यवस्था की जाएगी जहां नया पासपोर्ट बनवाने या पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि ऐसे हज प्रार्थी के लिए समय पर पासपोर्ट उपलब्ध करवाने की पूरी कोशिश की जाएगी। दिल्ली स्टेट हज कमेटी के कार्यकारी अधिकारी अशफाक अहमद आरफी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, हज आवेदकों के पास मशीन पठनीय पासपोर्ट होना अनिवार्य है जो हज आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि या उससे पहले का जारी किया होना चाहिये और जिसकी वैधता कम से कम 31 जनवरी 2025 तक होनी चाहिए।
ऑनलाइन हज आवेदन के लिए जरूरी हैं ये डॉक्यूमेंट
पासपोर्ट साइज फोटो
आधार कार्ड
कोरोना वैक्सीन की दो खुराक का प्रमाण पत्र
ग्रृप लिडर के बैंक खाते का कैंसल चेक
एक ग्रुप में अधिक से अधिक 4 प्रार्थी ही आवेदन कर सकते हैं
इसके अलावा, पिछले वर्षों की तरह, 45 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं बिना महरम के अकेले आवेदन करने के लिए पात्र होंगी। दिल्ली स्टेट हज समिति, हज मंजिल, आसिफ अली रोड, नई दिल्ली में पिछले वर्षों की तरह कार्यालय समय के दौरान ऑनलाइन फॉर्म भरने और जमा करने की सुविधा जारी रहेगी।
अधिक जानकारी के लिए दिल्ली स्टेट हज कमेटी कार्यालय के फोन नंबर 011-23230507 पर सोमवार से शुक्रवार सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संपर्क किया जा सकता है।
: कोलकाता लगातार तीसरे साल देश का सबसे सुरक्षित शहर घोषित, अपराध कम
Wed, Dec 6, 2023
नई दिल्ली
देश का सबसे सुरक्षित शहर कौन सा है? इस सवाल का जवाब कोलकाता है। यह शहर लगातार तीसरे साल देश का सबसे सुरक्षित शहर घोषित हुआ है। प्रति लाख की आबादी के अनुसार इस शहर में संज्ञेय अपराधों की संख्या सबसे कम दर्ज की गई है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। वर्ष 2022 के डेटा के मुताबिक कोलकाता में प्रति एक लाख की आबादी पर 86.5 केस सामने आए हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर पुणे है, जहां 280 मामले आए हैं और तीसरे स्थान पर हैदराबाद रहा है। यहां प्रति एक लाख जनसंख्या पर 299 केस मिले हैं।
संज्ञेय अपराध ऐसे मामलों को माना जाता है, जब आईपीसी की धारा के तहत केस दर्ज हुआ हो। इससे पहले 2021 में एनसीआरबी डेटा के मुताबिक प्रति एक लाख आबादी पर 103.4 केस दर्ज हुए थे। इस लिहाज से देखें तो इस साल और अच्छी स्थिति रही है। आपराधिक मामलों में बड़ी कमी दर्ज की गई है। इससे पहले वर्ष 2020 में यह आंकड़ा 129.5 का ही था। इस तरह बीते तीन सालों में कोलकाता में आपराधिक मामलों की संख्या में लगातार कमी आई है। पुणे में 2021 में 256 केस आए थे, जबकि हैदराबाद में 260 केस मिले थे।
यह रैंकिंग हर साल जारी की जाती है। इसमें 20 लाख से अधिक आबादी वाले 19 शहरों की तुलना की जाती है। इसमें लगातार तीन सालों से कोलकाता टॉप पर बना हुआ है। हालांकि एक चिंता की बात यह भी है कि भले ही कुल मामलों में कमी दर्ज हुई है, लेकिन कोलकाता में महिला अपराधों के मामले बढ़ गए हैं। बीते साल महिलाओं के खिलाफ अपराध के 1890 केस आए थे, जबकि 2021 में यह आंकड़ा 1783 ही था। बता दें कि कोलकाता में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की संख्या प्रति एक लाख की आबादी पर 27.1 है। यह संख्या सबसे कम कोयंबटूर में 12.9 है, जबकि चेन्नै में 17.1 है।
कोलकाता में इस साल हत्या के मामलों में भी कमी दर्ज की गई है। 2021 में यह आंकड़ा 45 का था, जबकि इस साल 34 केस ही सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार कोलकाता में बीते साल रेप के 12 केस मिले थे, जबकि 2021 में भी यही आंकड़ा था। एनसीआरबी की ओर से हर साल 'क्राइम इन इंडिया' रिपोर्ट तैयार की जाती है। इसमें सभी 36 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों का डेटा शामिल किया जाता है।
: दिनेश के त्रिपाठी बने भारतीय नौसेना के अगले उप प्रमुख
Wed, Dec 6, 2023
नई दिल्ली
पश्चिमी नौसेना के कमांडर वाइस एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी को भारतीय नौसेना के अगले उप प्रमुख के तौर पर नियुक्त किया गया है। वर्तमान में वह मुंबई स्थित भारतीय नौसेना के पश्चिमी कमान का नेतृत्व कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, वाइस एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी चार जनवरी, 2024 को नौसेना के अगले उप प्रमुख के रूप में अपना पदभार ग्रहण करेंगे। वहीं, वाइस एडमिरल एसजे सिंह, वाइस एडमिरल दिनेश त्रिपाठी का स्थान लेंगे। वाइस एडमिरल एसजे सिंह अगले पश्चिमी नौसेना कमांडर होंगे। फिलहाल वह नौसेना स्टाफ के उप प्रमुख हैं।