: शराबी था पिता: मरने के बाद बेटों ने शव लेने से किया इनकार
Sun, Jan 28, 2024
कोरबा.
कोरबा में कोतवाली पुलिस ने एक व्यक्ति की मौत के बाद परिजनों के द्वारा दूरी बनाने की स्थिति में पोस्टमार्टम करने से लेकर अंतिम संस्कार तक की प्रक्रिया पूरी कराई। पुलिस ने बताया कि अपनी ड्यूटी के साथ-साथ मानवता के नाते इस तरह के कार्य करने भी जरूरी हो जाते हैं। कई बार ऐसे मौके उसके सामने आते हैं। जिसका कोई नहीं होता, उसके लिए पुलिस होती है।
कोरबा कोतवाली पुलिस ने शनिवार को एक राजेंद्र पांडेय नाम के व्यक्ति का अंतिम संस्कार कराया। राजेंद्र पांडेय का शव इतवारी बाजार क्षेत्र में पाया गया था। इसकी सूचना एक व्यक्ति ने पुलिस को दी थी। कुछ ही देर में मृतक की पहचान होने पर उसके परिजनों की तलाश की गई और उन्हें इस बारे में अवगत कराया गया। लेकिन उन्होंने मामले को हल्के से लेने के साथ बात को टाल दिया। कोतवाली थाना प्रभारी अभिनव कांत सिंह ने मामले को संवेदनशीलता से लेने के साथ अगली कार्रवाई के लिए अधीनस्थों को निर्देशित किया। इसके बाद पंचनामा और पोस्टमार्टम की अगली कड़ी में पुलिस ने जरूरी व्यवस्था करते हुए मृतक का अंतिम संस्कार कराया। कोतवाली थाने में पदस्थ एएसआई अजय सिंह ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और परिजनों को सूचना दी। मृतक के दोनों बेटों ने शव को लेने से इंकार कर दिया। परिजनों ने बताया कि उसके पिता आदतन शराबी थे। घर से बाहर निकल चुके था और बीमारी से ग्रस्त थे। जब घर से निकल गए हैं तो अब वो उसका अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। ऐसे में पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई करते हुए शव का आसपास के लोगों की मदद से उसका हिंदू रीति रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया।
हादसे और अन्य कारण से होने वाली मौत के मामले में जब अज्ञात मृतकों की पहचान चाहकर भी नहीं हो पाती, तब पूरी प्रक्रिया अपनाते हुए ऐसे मामलों में पुलिस स्वयं या सामाजिक संगठनों के सहयोग से अंतिम संस्कार की कार्रवाई करती है। राजेंद्र पांडेय की मौत का मामला इससे अलग है, जिसमें परिजनों के होते हुए पुलिस को यह सब कुछ करना पड़ा।
: कोरबा में SECL के कोल स्टॉक में पांच दिन से लगी है आग
Sun, Jan 28, 2024
कोरबा.
एसईसीएल मानिकपुर के प्राइवेट स्टार्टिंग के कोल स्टॉक में पांच दिनों से आग लगी हुई है। भारी मात्रा में रखा गया कोयले का स्टॉक धू धू कर जल रहा है लेकिन किसी को इस ओर ध्यान नहीं है। रेलवे स्टेशन के सेकेंड एंट्री के पास है, यह प्राइवेट साइडिंग की घटना है। कोयला परिवहन के दौरान ओवरलोड कोयला एडजस्टमेंट का कोयले का भंडारण किया गया है।
इस आगजनी की घटना के बाद भी एसईसीएल प्रबंधन और न ही रेलवे सुध ले रहा है। राहगीरों की मानें तो कुछ दिनों पहले आग लगने की सूचना पर दमकल वाहन को मौके पर बुलाया गया था। आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसके बावजूद भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका। तब से धू धू कर कोयले का स्टॉक जल रहा है लेकिन ओर किसी का ध्यान नहीं है। एसईसीएल के कोल साइडिंग पर सुरक्षा पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने बताया कि वह सीसीएल द्वारा अधीन त्रिपुरा राइफल्स के जवान हैं और उनकी ड्यूटी लगी हुई हैv आज कब कैसे और किन परिस्थितियों में लगी है। इस बात की जानकारी उन्हें नहीं है, लेकिन पिछले कई दिनों से आग लगी हुई है।
आग पर काबू पाने दमकल वाहन को बुलाया गया था। लेकिन उसके बावजूद भी आप पर काबू नहीं पाया जा सका है। कोल स्टॉक में लगी आग रेलवे स्टेशन के करीब है, जहां मालगाड़ी से कुल परिवहन करने के अलावा यात्री ट्रेन कभी परिचालन किया जाता है।
: कुम्हारों के चाक से बन रहे है आस्था के दीये
Sun, Jan 21, 2024
महासमुंद.
श्री राम लाल प्राण प्रतिष्ठा के खास अवसर ने यहां के कुम्हारों की किस्मत चमका दी है। इन दिनों कुम्हार कारीगर मिट्टी के दीये बनाने में व्यस्त है। वे दिन रात परिवार सहित चाक से आस्था के दीये गढ़ रहे हैं। आॅफ सीजन में भी दीयों की मांग ने कुमारों को आय का नया और अतिरिक्त जरिया दिया है।
ये सब राम की कृपा ही है कि हम आॅफ सीजन में दीया बना रहे हैं। सच तो ये है की जब से अयोध्या में श्री राम लला की प्राण प्रतिष्ठा की तिथि तय हुई है। उसी दिन से दीयों और मिट्टी के कलश की मांग बढ़ गई है। अभी तक लगभग 50 हजार दिया बेच चुके हैं। ये कहना है महासमुन्द के कुम्हार पारा नियासी श्री सुखरू कुम्हार का। उनका कहना है पूरा परिवार इस कार्य को अनुष्ठान मान कर कर रहे हैं। सुखरु कुम्हार के परिवार उनकी बहू और बेटे भी दीया बनाने में व्यस्त है। उनका कहना है कि श्री राम लला के प्राण प्रतिष्ठा हमारे लिए एक नया अवसर लेकर आया है। यह सब राम की कृपा है।। उन्होंने कहा कि शहर में करीब 35 परिवार इस कार्य में लगे हैं।
इस तरह समूह की महिलाएं भी दीया बनाने के काम में दिन रात जुटी हुई है ।महाप्रभु महिला समूह और लक्ष्मी नारायण महिला समूह के सदस्यों ने बताया कि अभी तक लगभग 60 हजार दीयों की बिक्री हो चुकी है ।पहली बार रायपुर से आॅर्डर भी मिले हैं ।महाप्रभु समूह के उत्तरा चक्रधारी ने बताया कि उनके समूह में 10 सदस्य हैं और सभी अपने अपने घरों में लगातार दीया और मिट्टी के कलश बना रहे हैं ।बाजार में भी डिमांड बढ़ी है ।इसी तरह महिला समूह लक्ष्मी नारायण की कुसुम लता चक्रधारी ने बताया कि इस अवसर पर हम खुशी और आस्था से दीपक बना रहे हैं। इससे हमारी आजीविका में एकाएक वृद्धि हुई है । प्रति दीया लगभग 75 पैसे में विक्रय करते हैं।यह श्री राम की ही कृपा है कि हमें ये शुभ अवसर मिला है।समूह की सदस्य कुसुम लता ने बताया कि यह हमारे लिए विशेष अवसर है कि हमारे द्वारा बनाए गए दीये मंदिरों में जगमगाएंगे। हम भी अपने-अपने घरों में दीया जलाएंगे।
सुखरू कुम्हार ने कहा कि उन्हें करीब 7 साल पहले ही इलेक्ट्रॉनिक चाक मिला है ।जिससे वह लगातार मिट्टी के सजावटी सामग्री बना रहे हैं। महाप्रभु समूह के सदस्य ने बताया कि राष्ट्रीय आजीविका शहरी विकास अभिकरण के माध्यम से उन्हें 1लाख रुपए का लोन मिला था,जिससे यह कार्य करने में सक्षम हुई। महिला समूह की मार्गदर्शिका प्रेमशीला बघेल ने बताया की अब शासन की मंशानुरूप महिला समूह के सदस्यों को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना अंतर्गत लाभ दिलाएंगे जिससे वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाएंगे।