कौशल्या माता मंदिर से पुरानी विधानसभा तक निकाली विशाल पदयात्रा : मनरेगा बचाने के लिए कांग्रेस का शंखनाद:
रायपुर
केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अस्तित्व को बचाने के लिए प्रदेश कांग्रेस ने आज सड़क पर उतरकर हुंकार भरी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में आयोजित यह 'मनरेगा बचाओ पदयात्रा' ऐतिहासिक माता कौशल्या मंदिर (चंद्रखुरी) से शुरू होकर रायपुर स्थित पुरानी विधानसभा पर एक विशाल जनसभा के साथ संपन्न हुई।
भक्ति और संघर्ष का संगम
पदयात्रा का शुभारंभ माता कौशल्या के आशीर्वाद के साथ हुआ। सैकड़ों की संख्या में तिरंगा और तख्तियां लिए कांग्रेस कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए रायपुर की ओर बढ़े। पदयात्रा में मुख्य रूप से प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मंत्री डॉ. शिव डहरिया और वरिष्ठ नेता राम गिडलानी सहित बड़ी संख्या में दिग्गज नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
"गरीबों का हक मार रही सरकार": दीपक बैज
पुरानी विधानसभा के पास आयोजित समापन सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा, "मनरेगा कांग्रेस की वह क्रांतिकारी योजना है जिसने गांवों से पलायन रोका और गरीबों को रोजगार की गारंटी दी। लेकिन वर्तमान सरकार बजट में कटौती कर और नियमों को जटिल बनाकर इस योजना को खत्म करने की साजिश रच रही है। कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।"
प्रमुख बिंदु और मांगें:
बजट में कटौती का विरोध: वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मनरेगा के फंड में जानबूझकर कमी की जा रही है।
समय पर भुगतान: मजदूरों को महीनों से बकाया मजदूरी का भुगतान तुरंत करने की मांग की गई।
काम के दिनों में वृद्धि: साल में कम से कम 150 दिन काम देने की मांग को प्रमुखता से उठाया गया।
दिग्गज नेताओं की मौजूदगी
पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसे कमजोर करना गरीबों के पेट पर लात मारने जैसा है। वहीं, राम गिडलानी ने कार्यकर्ताओं के जोश की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह लड़ाई अब हर गांव और हर घर तक जाएगी।वही ग्रामीण अध्यक्ष पप्पू बंजारे ने कहा की अब गरीबो के हक़ पर डाका नहीं मारने देंगे
पदयात्रा के दौरान रास्ते भर आम जनता का भी भारी समर्थन देखने को मिला। सभा के समापन पर कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपने की बात कही और चेतावनी दी कि यदि मनरेगा को सुचारू रूप से नहीं चलाया गया, तो आने वाले समय में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

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