श्रद्धालुओं से दर्शन का आग्रह : चिचोली में उमड़ेगा श्रद्धा का सैलाब: दो सरोवरों के मध्य विराजे भूतेश्वर महादेव का होगा विशेष अभिषेक
Ramesh Batra
Fri, Feb 13, 2026
तिल्दा-नेवरा क्षेत्र के ग्राम चिचोली स्थित प्राचीन एवं स्वयंभू भूतेश्वर महादेव मंदिर में इस वर्ष भी महाशिवरात्रि का पर्व अत्यंत श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। दो सरोवरों के मध्य प्राकृतिक छटा के बीच विराजमान भोलेनाथ के दर्शन हेतु 15 फरवरी से विशेष अनुष्ठान का आगाज़ होगा। मंदिर समिति के अध्यक्ष राजकुमार ठाकुर ने बताया कि विगत 11 वर्षों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी चारों प्रहर की विशेष पूजा और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक संपन्न होगा।
"स्वयंभू भूतेश्वर महादेव का होगा महा-अभिषेक; 15 फरवरी की सुबह से अगले दिन तक गूंजेंगे शिव के जयकारे।"
11 वर्षों से अनवरत जारी है वैदिक पूजन की परंपरा
समिति के अध्यक्ष राजकुमार ठाकुर ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि चिचोली के इस पावन स्थल पर महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर चारों प्रहर की पूजा का विशेष महत्व है। पिछले 11 वर्षों से यहाँ विद्वान पंडितों के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ जलाभिषेक और रुद्राभिषेक किया जा रहा है। इस वर्ष यह अनुष्ठान 15 फरवरी 2026 (रविवार) की सुबह से प्रारंभ होकर 16 फरवरी 2026 की सुबह तक अनवरत चलेगा।
दो सरोवरों के बीच विराजे हैं स्वयंभू महादेव
भूतेश्वर महादेव मंदिर अपनी भौगोलिक स्थिति के लिए भी प्रसिद्ध है। दो बड़े जलाशयों (सरोवरों) के बीच स्थित होने के कारण यहाँ का वातावरण अत्यंत शांत और आध्यात्मिक है। मान्यता है कि यहाँ श्रद्धापूर्वक मांगी गई हर मनोकामना पूर्ण होती है। महाशिवरात्रि पर भगवान शिव के इस स्वयंभू स्वरूप का दर्शन करने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से श्रद्धालु यहाँ पहुँचते हैं।
श्रद्धालुओं से दर्शन का आग्रह
मंदिर समिति ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे अपने व्यस्ततम समय में से क्षण निकालकर चिचोली पधारें और भगवान भोलेनाथ के अभिषेक दर्शन का पुण्य लाभ प्राप्त करें। आयोजन की सफलता हेतु राजकुमार ठाकुर के नेतृत्व में पूरी आयोजन समिति तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है।

विज्ञापन
विज्ञापन