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तिल्दा में गूंजी सिंधी भाषा की गूंज : 11 शिक्षकों की देखरेख में 230 परीक्षार्थियों ने दिया 'संस्कृति का इम्तिहान'

मातृभाषा के संरक्षण के लिए उमड़ा सिंधी समाज; 10 साल के बच्चों से लेकर 50 पार के बुजुर्गों तक में दिखा उत्साह

तिल्दा-नेवरा | निज प्रतिनिधि अपनी जड़ों और गौरवशाली संस्कृति को सहेजने की दिशा में तिल्दा के सिंधी समाज ने एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है। रविवार को शारदा शिशु मंदिर में राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद एवं पूज्य शदाणी दरबार रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में सिंधी (देवनागरी) भाषा परीक्षा का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान परीक्षा केंद्र का नजारा किसी पर्व से कम नहीं था, जहाँ एक ही छत के नीचे समाज की तीन पीढ़ियां अपनी मातृभाषा को लिपिबद्ध करने जुटी थीं।

11 शिक्षकों ने संभाली 230 परीक्षार्थियों की कमान इस वर्ष का आयोजन संख्यात्मक और प्रबंधकीय दृष्टि से ऐतिहासिक रहा। परीक्षा में शहर के कुल 230 परीक्षार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के कुशल संचालन के लिए 11 अनुभवी शिक्षकों की विशेष टीम तैनात की गई थी। शिक्षकों ने न केवल परीक्षा संपन्न कराई, बल्कि देवनागरी सिंधी के बारीकियों के बारे में भी समाज के युवाओं को प्रेरित किया।

उम्र की बाधा पार कर परीक्षा देने पहुंचे बुजुर्ग परीक्षा की सबसे खास बात यह रही कि इसमें उम्र की कोई सीमा नजर नहीं आई। एक ओर जहाँ 10 वर्ष के नन्हे बच्चे अपनी मातृभाषा के अक्षर गढ़ रहे थे, वहीं 50 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों ने भी पूरे जोश के साथ अपनी संस्कृति के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। समाज के वरिष्ठों ने कहा कि, "भाषा बचेगी, तभी हमारी पहचान बचेगी।"

संतों का आशीर्वाद और सामुदायिक एकजुटता यह आयोजन पूज्य शदाणी दरबार के नवम गद्दीनशीन संत डॉ. युधिष्ठिर लाल जी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। स्थानीय सिंधी पंचायत के पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। पंचायत अध्यक्ष और संयोजकों ने बताया कि शदाणी सेवा मंडल के प्रयास अब रंग ला रहे हैं और तिल्दा क्षेत्र में सिंधी भाषा के प्रति जागरूकता का ग्राफ तेजी से बढ़ा है।

सम्मान से बढ़ा उत्साह परीक्षा के सफल समापन के बाद सभी 230 प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। सिंधी युवा विंग, महिला मंडल और स्थानीय स्कूल प्रबंधन की सक्रियता ने इस आयोजन को भव्य रूप दिया। आयोजकों ने इस बड़ी सफलता के लिए सभी शिक्षकों और समाज के प्रत्येक परिवार का आभार व्यक्त किया।


इनकी गरिमामयी उपस्थिति रही खास

आयोजन के दौरान सिंधी समाज के अध्यक्ष शम्मनलाल खुबचंदानी ने समाज की इस एकजुटता की सराहना की। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से परमानंद बालचंदानी, भगवान दास कोडवानी उपस्थित रहे। महिला शक्ति का नेतृत्व करते हुए श्रीमती प्रेमप्रकाश वर्षा बत्रा, श्रीमती विकास संचिता बत्रा और श्रीमती सुरेश कीर्ति चदानी ने भी सक्रिय भूमिका निभाई और परीक्षार्थियों का उत्साहवर्धन किया।

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