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: राम मंदिर उद्घाटन में नहीं जा सकते? निराश न हों, 'पूरे देश को अयोध्या' बनाएगा RSS

Admin

Sun, Nov 5, 2023

नई दिल्ली
राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा अगले साल 22 जनवरी को होनी है। इस दिन पूरे देश में धूमधाम से बड़ा उत्सव मनाया जाएगा। इस मौके पर हजारों लोगों के अयोध्या पहुंचने की संभावना है। हालांकि वे लोग निराश न हों जो राम मंदिर के उद्घाटन में नहीं जा सकते। इसके लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने पूरे 'देश को अयोध्या बनाने' की योजना तैयार की है।

देश भर में आरएसएस की 45 प्रांतीय इकाइयों में से प्रत्येक से लगभग एक हजार स्वयंसेवक घर-घर जाकर "अक्षत (पवित्र प्रसाद)" वितरित करेंगे और लोगों से 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर के अभिषेक समारोह के उपलक्ष्य में अपने निकटतम मंदिर में समारोह में शामिल होने का आग्रह करेंगे। आरएसएस, विहिप और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नेताओं ने अपनी-अपनी प्रांत इकाइयों में भाजपा सहित सहयोगी संगठनों के साथ समन्वय बैठकें करना शुरू कर दिया है। हाल ही में ऐसी बैठकें काशी, अवध, ब्रज, मेरठ प्रांत (उत्तर प्रदेश में) और उत्तराखंड प्रांत में आयोजित की गईं।

वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष और मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने 29 अक्टूबर को वाराणसी में काशी प्रांत की बैठक की थी। इसी तरह, ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने इस सप्ताह की शुरुआत में लखनऊ में अवध प्रांत की बैठक को संबोधित किया था। इसके अलावा, विहिप के एक वरिष्ठ नेता ने हाल ही में उत्तराखंड प्रांत की बैठक को वर्चुअली संबोधित किया था।

इडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, देहरादून में आरएसएस के एक पदाधिकारी ने कहा, "चूंकि कई प्रमुख मंदिर पूरे उत्तराखंड में स्थित हैं, जो ज्यादातर पहाड़ी राज्य है। ऐसे में हमें 22 जनवरी को इन मंदिरों में अक्षत वितरित करने, पूजा आयोजित करने और (प्रतिष्ठा समारोह की) लाइव-स्ट्रीमिंग के लिए 1,000 से अधिक कार्यकर्ताओं की आवश्यकता होगी।"

रविवार को अयोध्या में राम जन्मभूमि पर लगभग 200 वीएचपी और आरएसएस स्वयंसेवकों को पीतल के कलश में अक्षत का प्रसाद भेजा जाएगा। इसके बाद वे अपने प्रांत मुख्यालय के लिए प्रस्थान करेंगे। मंदिर ट्रस्ट के एक सदस्य ने कहा, “प्रत्येक प्रांत को 5 किलो अक्षत दिया जाएगा। वे इसे वितरण के लिए अपने-अपने प्रांत मुख्यालय ले जाएंगे। वे इसमें (अक्षत में) ज्यादा चावल और हल्दी मिलाएंगे। दिसंबर के अंत तक अक्षत देशभर के गांवों और वार्डों तक पहुंच जाएगा। इसे 1 जनवरी से 15 जनवरी तक घर-घर वितरित किया जाएगा। हमारा लक्ष्य 5 करोड़ घरों में दीए जलाना है।'' उन्होंने कहा कि 5 लाख से अधिक मंदिरों में ऐसे कार्यक्रमों के साथ हमारी योजना 'पूरे देश को अयोध्या में बदलने की है।''

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 जनवरी को अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में 4,000 से अधिक संतों और 2,500 "प्रख्यात नागरिकों" के अलावा उपस्थित रहेंगे। बाद में, विभिन्न प्रांतों से आरएसएस के अनुषांगिक संगठनों के स्वयंसेवक भी राम मंदिर का दौरा करेंगे। काशी क्षेत्र के लगभग 25,000 स्वयंसेवक 30 जनवरी को अयोध्या जाने वाले हैं।

 

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