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: मोनू मानेसर SC से लगाएगा गुहार, केस को भेजे दूसरे राज्य में

Admin

Sun, Oct 1, 2023

भरतपुर
मोनू मानेसर के वकील एलएन पारासर (LN Parasar) 15 दिन की न्यायिक हिरासत पूरी होने के बाद मानेसर की जमानत याचिका दायर करने के लिए  डीग जिले की कामां अदालत में पेश हुए। मानेसर जमानत पर कोर्ट देर शाम तक फैसला सुना सकता है। एलएन पारासर ने कहा कि यदि कामां कोर्ट से मोनू को जमानत नहीं मिली तो हम अपील दायर करने के लिए राजस्थान हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि 22 सितंबर को भरतपुर सेंट्रल जेल सेवर से अजमेर जेल में स्थानांतरित किए जाने के बाद मोनू के परिजनों ने उसकी जान को खतरा बताया है। उनका कहना है कि वे मामले को राजस्थान से किसी अन्य राज्य में स्थानांतरित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाएंगे।

वकील एलएन पारासर (LN Parasar) ने बताया कि हम जमानत याचिका के पक्ष में अदालत के समक्ष अपनी दलीलें रख चुके हैं। हमने कहा है कि राजस्थान पुलिस के महानिदेशक पहले ही बयान जारी कर चुके हैं कि मोनू का संबंध सीधे तौर पर भिवानी दोहरे हत्याकांड में नहीं पाया गया है। मोनू को भरतपुर की सेंट्रल जेल सेवर से अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट किया गया है इस पर उसके परिजनों ने आपत्ति जताई है। मोनू को 14 सितंबर को हरियाणा से गिरफ्तार करने के बाद जेल भेजा गया था। 14 सितंबर को कामां अदालत ने मोनू को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था।

बता दें कि 29 वर्षीय मोनू यादव उर्फ मोनू मानेसर को डीग पुलिस ने 12 सितंबर को हरियाणा से प्रोडक्शन वारंट पर ले गई थी। मोनू को भिवानी दोहरे हत्याकांड के संबंध में धारा 302, 368, 201, 147,148, 149, 435, 364, 365, 387, 388 और 120 बी के तहत गिरफ्तार किया गया था। जुनेद और नासिर के परिवार के सदस्य इस्माइल ने 16 फरवरी को गोपालगढ़ थाने में मोनू मानेसर समेत पांच लोगों के खिलाफ उनके परिवार के उक्त दोनों सदस्यों को जिंदा जलाने की शिकायत दर्ज कराई थी।

राजस्थान की भरतपुर पुलिस ने 6 मार्च को जुनेद और नासिर मर्डर केस में कथित तौर पर शामिल आठ आरोपियों में से प्रत्येक पर 5000 रुपये का इनाम घोषित किया था। इनकी तस्वीरें 22 फरवरी को भरतपुर पुलिस ने जारी की थीं। आरोपियों में नूंह के अनिल और श्रीकांत; कैथल से कालू; करनाल से किशोर; भिवानी से मोनू मानेसर; जींद से विकास; करनाल से शशिकांत और भिवानी से गोगी शामिल हैं। इस मामले में 14 अप्रैल को दो आरोपियों मोनू उर्फ गोगी और नरेंद्र उर्फ मोनू राणा को 6 मई को देहरादून से गिरफ्तार किया गया था। वे हरियाणा के भिवानी इलाके के निवासी हैं। पुलिस ने 16 मई को गिरफ्तार तीनों आरोपियों के खिलाफ कामां अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था।

 

 

 

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