ग्रामीणों का आरोप को पुलिस ने दो दिन में कार्रवाई का दिया था आश्वाशन : देवरी पंचायत में कथित फर्जी NOC मामला गरमाया, एफआईआर नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
Ramesh Batra
Wed, Aug 5, 2026
तिल्दा-नेवरा। ग्राम पंचायत देवरी में कथित फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी किए जाने का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत और जांच पूरी होने के बावजूद अब तक दोषियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज नहीं की गई है, जिससे प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत के तत्कालीन सरपंच, सचिव और अन्य जिम्मेदार लोगों द्वारा नियमों के विपरीत कथित रूप से फर्जी NOC जारी किया गया था। मामले की शिकायत के बाद राजस्व विभाग द्वारा जांच कराई गई और जांच रिपोर्ट भी प्रशासन को सौंप दी गई।
ग्रामीणों का कहना है कि 22 जून 2026 को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में थाना घेराव किया गया था। उस दौरान पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई के लिए दो दिन का समय मांगा था और भरोसा दिलाया था कि दोषियों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि इतना समय बीत जाने के बाद भी न तो नामजद एफआईआर दर्ज हुई और न ही किसी दोषी पर ठोस कार्रवाई की गई। उनका कहना है कि पुलिस लगातार आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, तो वे पंचायत कार्यालय में तालाबंदी सहित बड़े जनआंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और पुलिस की होगी।
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