: शासकीय स्कूली बच्चों से वसूल रहे प्राचार्य 15 सौ से 16 सौ रुपए तक शुल्क
Admin
Thu, Jul 25, 2024
मैनपुर | जिले के मैनपुर विकासखंड के शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल मुचबहाल में फीस के नाम पर मोटी रकम उगाही का मामला सामने आया है। मैनपुर ब्लॉक के मूचबहाल हायर सेकेंडरी स्कूल में प्राचार्य ने बोर्ड कक्षा में भर्ती लेने वाले 10वी के छात्रों से 1500 रुपए और 12 वी के छात्रों से 1600 रुपए का फीस वसूला गया है,जबकि सरकारी गाइड लाइन में अधिकतम 500 रुपए निर्धारित है। वसूले गए रकम के एवज में किसी भी प्रकार से रसीद भी नहीं दिया गया है। यह सिलसिला विगत 3 सालों से चलते आ रहा हैं। उक्त दोनों कक्षाओं में 120 से भी ज्यादा छात्र है जिनसे 1 लाख से ज्यादा की रकम की अवैध वसूली की गई है। हालांकि मामले में प्राचार्य ने बगैर कैमरे के सामने आए भर्ती शुल्क के साथ बोर्ड एक्जाम शुल्क साथ में लेने की दलील दे रहें है,पर एग्जाम शुल्क बोर्ड द्वारा निर्धारण से पहले ही ली गई फीस अवैध उगाही माना जा रहा है। ऐसे स्कूलों पर जिला प्रशासन नजर नहीं है। ज्ञात हो कि लिए गए राशि कि ना तो उच्च कार्यालय से आदेश हैं न तो इसकी जानकारी दी गईं हैं। मामले की जानकारी जब दौरे पर पहुंचे मैनपुर बीईओ को दी गई तो इस मामले में वे कुछ बोलने से बचते नजर आए। इस संबंध में हमने जिला शिक्षा अधिकारी को अवगत कराया तो उन्होंने कहा मामले की जांच टीम गठित कर जो तथ्य सामने आएगी तत्पश्चात कार्यवाही करने की बात कही है।
पूर्व प्रिंसिपल ने दिए चार्ज में रूपए का नहीं बना साइकल स्टैंड:-- 3 वर्ष पूर्व तात्कालिक प्रिंसिपल खलको द्वारा वर्तमान प्राचार्य को चार्ज देते समय लगभग 35 से 40 हजार रुपए दिया गया था। जिसका बच्चों के लिए साइकल स्टैंड बनना था,जो अब तक बन नहीं पाया हैं,उक्त राशि को किस कार्य में खर्च किया गया हैं उसकी जानकारी भी शाला प्रबंधन समिति को नहीं दिया गया हैं। जिसकी पुष्टि पूर्व में शाला विकास समिति के अध्यक्ष द्वारा की गई हैं।
मामले से बचने के लिए भाजपा नेता के शरण में प्राचार्य::- सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार उक्त मामले से बचने के लिए अब प्राचार्य भाजपा नेताओं के शरण में जा पहुंचे हैं। जिसकी चर्चा अब गांव गलियों में होने लगी हैं,अब देखने वाली बात यह होगी कि सरकार में बैठे लोग इन्हें संरक्षण देंगे या बच्चों के साथ हो रहें अन्याय के खिलाफ उचित कार्यवाही कर स्कूली बच्चों को न्याय देंगे।
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