BREAKING NEWS

तिल्दा-नेवरा से आखिर कहां गायब हो गए कौवे और बाभन चिड़िया?

छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ में महेंद्र साहू बने किसान विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष

व्याख्याता विमला भास्कर की राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों पहाड़ी कोरवा जनजाति के छात्रों पर लिखित पुस्तक का महामहिम राज्यपा

एक साहित्यिक बस्ती में देर तक सुनी गई ग़ज़लों की अनुगूँज

तिल्दा-नेवरा में व्यापारियों के लिए जीएसटी और इनकम टैक्स पर मार्गदर्शन शिविर आज

Advertisment

: ज्ञानवापी का आज से ASI सर्वे, वाराणसी डीएम ने कहा- हमारी तैयारी पूरी

Admin

Fri, Aug 4, 2023

वाराणसी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के सर्वेक्षण के खिलाफ अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी की याचिका गुरुवार को खारिज कर दी है। इसके बाद वाराणासी जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने कहा कि आज  से ज्ञानवापी में एएसआई का  सर्वे शुरू होगा। डीएम ने कहा कि जिला व पुलिस प्रशासन अपनी तरफ से पूरी तैयार कर ली है। आज ही कोर्ट में एएसआई को रिपोर्ट सौंपनी है।

अंजुमन इंतेजामिया कमेटी ने वाराणसी की जिला अदालत के 21 जुलाई के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सर्वेक्षण का आदेश पारित करते हुए कहा कि एएसआई के इस आश्वासन पर अविश्वास करने का कोई कारण नहीं है कि ढांचा क्षतिग्रस्त नहीं होगा, लेकिन उसने साथ ही कहा कि सर्वेक्षण के लिए किसी तरह की खुदाई नहीं का जानी चाहिए।  इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि विवादित परिसर के सर्वेक्षण को लेकर जिला अदालत का आदेश उचित है और इस अदालत द्वारा किसी तरह का हस्तक्षेप वांछित नहीं है।  इलाहाबाद हाईकोर्ट का निर्णय आने के बाद हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने संवाददाताओं को बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज कर दी है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि उसके इस निर्णय के साथ जिला अदालत का सर्वेक्षण का आदेश तत्काल प्रभावी हो गया है।  जैन ने इसे ''बहुत महत्वपूर्ण निर्णय'' बताते हुए कहा कि अंजुमन इंतेजामिया ने दलील दी थी कि इस सर्वेक्षण से ढांचा प्रभावित होगा, लेकिन अदालत ने उन सारी दलीलों को खारिज कर दिया है। जैन ने बताया कि अदालत ने अंजुमन इंतेजामिया की याचिका खारिज कर दी है।  उन्होंने कहा कि इससे पूर्व अंजुमन इंतेजामिया की दलील थी कि उसे उच्च न्यायालय जाने का मौका नहीं मिला, इसलिए अदालत ने उसकी दलीलों पर सुनवाई की।

जैन ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर जिला अदालत का निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। इससे पूर्व, मुख्य न्यायाधीश प्रितिंकर दिवाकर ने सभी पक्षों को सुनने के बाद 27 जुलाई को अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। उन्होंने निर्णय आने तक एएसआई के सर्वेक्षण पर रोक लगा दी थी।

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें