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टंक राम जी, आपका सरल स्वभाव ही आपका दुश्मन तो नहीं? : मंत्री का आदेश बेअसर, पटवारी और भू-माफिया का राज?

तिल्दा नेवरा। "सरकारी जमीन पर कब्ज़ा नहीं होगा।" - यह आदेश दिया था प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने। लेकिन मंत्री जी, आप ही देख लीजिए कि आपके ही आदेश की धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं, तो आम आदमी की क्या औकात है?

तिल्दा नेवरा की वेयरहाउस जमीन पर भू-माफिया ने अवैध कब्ज़ा कर लिया है। वेयरहाउस के अधिकारियों ने इस पर तुरंत कार्रवाई करने के लिए तहसीलदार, एसडीएम और अन्य संबंधित अधिकारियों को पत्र भी लिखा, लेकिन नतीजा सिफ़र रहा। लेकिन एक हफ़्ता बीत जाने के बाद भी एक ईंट तक नहीं हटाई गई। क्या यह अधिकारियों की लापरवाही है या मिलीभगत?

जनता में इस बात का गुस्सा उबाल मार रहा है। लोग कह रहे हैं, "जब मंत्री जी के आदेश को ही ये नौकरशाह नहीं मान रहे, तो हमें इंसाफ कैसे मिलेगा?"

आदेश जितना बड़ा, नतीजा उससे कहीं छोटा!

यह सिर्फ़ एक जमीन का मामला नहीं है, बल्कि यह आपकी सरकार के इकबाल का सवाल है। श्री टंक राम जी, आपका सरल और सहज व्यवहार ही आपका सबसे बड़ा दुश्मन तो नहीं बन रहा है? क्योंकि कुछ लोग आपके इसी सरल व्यवहार का दुरुपयोग करके कानून व्यवस्था का मज़ाक बना रहे हैं।

अब सिर्फ़ बयानों से काम नहीं चलेगा। जनता अब सिर्फ़ जाँच के आश्वासन नहीं, बल्कि त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई चाहती है। वरना, यह संदेश जाएगा कि प्रदेश में मंत्री के आदेश नहीं, बल्कि पटवारी और भू-माफिया की मर्ज़ी चलती है।

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