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दीपावली की रात सड़क पर बैकुंठ सीमेंट के श्रमिक, बच्चों ने हड़ताल स्थल : ताला बंदी के 15वें दिन भी नहीं हुई चर्चा; त्योहार पर घर-परिवार छोड़ रोजी-रोटी के लिए डटे हैं मजदूर

तिल्दा नेवरा। जहां पूरा देश और प्रदेश रोशनी का महापर्व दीपावली मना रहा है, वहीं तिल्दा नेवरा के बैकुंठ स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट वर्क्स के सैकड़ों श्रमिक अपनी मांगों को लेकर सड़क पर बैठे हैं। कारखाने की तालाबंदी और प्रबंधन के अड़ियल रवैये के खिलाफ श्रमिकों का यह धरना आज पन्द्रहवें दिन में प्रवेश कर गया है।

श्रमिक यूनियन के संरक्षक शंकर सिंह निर्मलकर ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस मार्मिक स्थिति पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि एक ओर सनातनी हिंदू परिवार सहित दीपोत्सव मना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बैकुंठ सीमेंट वर्क्स के श्रमिक कारखाना चालू कराने की मांग को लेकर अपने घर-परिवार से दूर, सड़क पर रात-दिन गुजार रहे हैं।

हड़ताल स्थल बना 'अस्थायी घर':

सबसे हृदय विदारक दृश्य यह रहा कि दीपावली के दिन श्रमिकों के परिवार के बच्चे भी धरना स्थल पर पहुंचे। बच्चों ने वहीं पर रंगोली बनाकर और श्रमिकों ने वहीं भोजन बनाकर खाया, जिसने पूरे माहौल को भावुक कर दिया। श्रमिकों के लिए यह स्थान अब महज धरना स्थल नहीं, बल्कि एक अस्थायी घर बन गया है, जहां उनकी रोजी-रोटी की चिंता उन्हें त्योहार मनाने से रोक रही है।

भगवान से प्रार्थना और आरती:

शंकर सिंह निर्मलकर ने बताया कि श्रमिकों द्वारा प्रतिदिन सुबह-शाम धरना स्थल पर भगवान की आरती की जा रही है और रामायण पाठ भी किया जा रहा है। मजदूर भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं कि कारखाना को जल्द से जल्द पूर्ववत चालू किया जाए, ताकि सभी की रोजी-रोटी चलती रहे।

यूनियन संरक्षक ने आरोप लगाया कि प्रबंधन ने पूरी तरह से अड़ियल रवैया अपना रखा है। वह न सिर्फ श्रमिकों की मांगों को अनसुना कर रहा है, बल्कि क्षेत्र के माननीय मंत्री, विधायक और सांसद तक की बातों को भी नजरअंदाज कर रहा है। प्रबंधन श्रमिकों को नौकरी से निकालने पर अड़ा हुआ है, जिसके कारण श्रमिकों के भविष्य में अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है।

अन्य कारखाने बंद कराने की चेतावनी:

शंकर सिंह निर्मलकर ने प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि श्रमिकों की मांगें नहीं मानी गईं और कारखाने से तालाबंदी नहीं हटाई गई, तो छत्तीसगढ़ में अल्ट्राटेक सीमेंट के अन्य कारखानों को भी बंद कराया जाएगा, जिसकी सूचना शीघ्र ही जारी की जाएगी। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से एक बार फिर कारखाना प्रबंधक से निवेदन किया है कि वह मानवीयता दिखाते हुए कारखाना चालू करे और श्रमिकों को काम पर वापस ले।

श्रमिकों का कहना है कि वे इस भीषण तनाव के बीच भी शांतिपूर्ण ढंग से अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन या प्रबंधन की ओर से चर्चा की कोई भी पहल अभी तक नहीं की गई है।

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