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आरोप:प्लांट प्रबंधन द्वारा संयंत्र में सुरक्षा के कोई उपकरण नहीं रखे : गुरुदेव एब्रेसिव प्लांट में करंट लगने से युवक की मौत, ग्रामीण प्रदर्शनकारियों को हटाया गया

तिल्दा के समीपस्थ ग्राम पंचायत छपोरा भींभौरी: शनिवार को छपोरा भींभौरी स्थित गुरुदेव एब्रेसिव प्लांट में काम करते समय करंट लगने से ग्राम रजिया निवासी 22 वर्षीय हर्ष यादव की मौत हो गई। इस घटना के बाद, मृतक के परिजन और ग्रामीण प्लांट के सामने शव रखकर उचित मुआवजे की मांग को लेकर शनिवार से ही धरना प्रदर्शन कर रहे थे।

आज रविवार को भी ग्रामीणों के साथ जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के सदस्य भी प्रदर्शन में शामिल हुए और गुरुदेव प्लांट के सामने शव रखकर उचित मुआवजे की मांग करते रहे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, रायपुर से भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा, जिसमें ग्रामीण एसपी कीर्तन राठौर, एडिशनल एसपी, सीएसपी सहित कई थानेदार और बड़ी संख्या में महिला-पुरुष पुलिसकर्मी शामिल थे। एसडीएम और तहसीलदार भी मौके पर उपस्थित रहे और उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।

प्लांट प्रबंधन द्वारा शुरुआत में 3 लाख रुपये का मुआवजा देने की बात कही जा रही थी, जिसे ग्रामीण और परिजन मानने को तैयार नहीं थे। लंबी बातचीत के बाद, प्लांट प्रबंधन ने 10 लाख रुपये और 50,000 रुपये की तत्काल सहायता राशि देने की घोषणा की।

इस बीच, पुलिस ने धरने पर बैठे ग्रामीणों को वहां से हटने को कहा। ग्रामीणों के नहीं मानने पर, सभी को बसों में बैठाकर विधानसभा थाना ले जाया गया। शव को एंबुलेंस से तिल्दा चिरघर भेजा गया। नेवरा थाना प्रभारी सत्येंद्र सिंह श्याम भी मौके पर पहुंचे और प्लांट प्रबंधन के सहयोग के लिए आए दूसरे प्लांट के अधिकारियों के साथ बातचीत हुई, जहां मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये का चेक और 50,000 रुपये की तत्काल सहायता राशि दी गई।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्लांट प्रबंधन द्वारा संयंत्र में सुरक्षा के कोई उपकरण नहीं रखे गए हैं और मजदूरों से कई-कई घंटे तक काम लिया जाता है। ग्रामीणों ने संयंत्र प्रबंधन पर मजदूरों के शोषण का आरोप लगाया।

फिलहाल, धरने पर बैठे जिन ग्रामीण महिला-पुरुषों को विधानसभा थाना ले जाया गया है, उन पर क्या कार्रवाई की जा रही है, इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पाई है।

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