: स्त्री की ये ख़राब आदतें बनती है बर्बादी का कारण, मां लक्ष्मी भी छोड़ देती हैं ऐसा घर
Sun, Sep 24, 2023
बुरी आदतें और अवगुण ना पुरुष में होने चाहिए और ना ही महिला में. लेकिन हिंदू धर्म शास्त्रों में महिला को देवी समान दर्जा प्राप्त है और महिलाओं को घर की लक्ष्मी कहा जाता है. इसलिए कहा जाता है कि, जिस घर की महिलाएं खुश रहती हैं वहां सदैव मां लक्ष्मी का वास होता है.लेकिन महिलाओं की बुरी आदतों से घर बर्बाद होते भी देर नहीं लगती है. हिंदू धर्म में महिलाओं की कुछ ऐसी बुरी आदतों के बारे में बताया गया है, जो घर की दरिद्रता का कारण बनती है और ऐसे अवगुण वाली महिला जिस घर पर होती है, वहां मां लक्ष्मी तनिक देर भी नहीं ठहरती हैं और घर पर अलक्ष्मी निवास करने लगती हैं. साथ ही महिलाओं की ऐसी आदतों से परिवार का पतन हो जाता है. इसलिए यह जान लीजिए कि, आखिर वो कौन सी बुरी आदतें हैं, जिसे महिलाओं को सुधार लेना चाहिए.
इन आदतों से महिलाएं रहें दूर
रोटी के लिए आटा अधिक गूंथना और बाकी बचे आटे को फ्रिज आदि में रखकर दोबारा इसका इस्तेमाल करना. ऐसा कई महिलाएं करती हैं. लेकिन घर की सुख-समृद्धि के लिए इसे अच्छा नहीं माना जाता है.
घर पर अतिथि के आने पर नाराज हो जाना और उनका सत्कार न करना भी अच्छी आदत नहीं है. हिंदू धर्म में अतिथि को भगवान समान माना गया है. इसलिए घर आए अतिथि का सम्मान और सत्कार करें.
महिलाओं के सुबह देर तक सोए रहने और शाम को सूर्यास्त के तुंरत बाद सोने की आदत घर पर दरिद्रता का कारण बनती है.
महिलाओं को एकादशी, अमावस्या और गुरुवार के दिन भूलकर भी बाल नहीं धोना चाहिए.
ऐसी महिलाएं जो कोई भी व्रत-उपवास नहीं करती हैं और नियमित रूप से पूजा-पाठ नहीं करतीं. ऐसे घर पर मां लक्ष्मी वास वहीं करतीं.
महिलाओं को सुबह उठकर सबसे पहले घर की साफ-सफाई करनी चाहिए और फिर स्नान कर पूजा-पाठ करना चाहिए. इसके बाद ही भोजन करना चाहिए. जो महिलाएं सुबह उठकर बिना घर की साफ-सफाई किए भोजन कर लेती हैं, उनसे मां लक्ष्मी नाराज रहती हैं.
रात को रसोई की साफ-सफाई किए बिना और जूठे बर्तन छोड़कर सो जाने की आदत को भी आज ही सुधार लें. रसोई गंदा छोड़कर सो जाने से घर पर तेजी से नकारात्मकता फैलती है.
: गणेश चतुर्थी 2023: आज ये है मूर्ति स्थापना का अति उत्तम मुहूर्त
Tue, Sep 19, 2023
नई दिल्ली
भाद्रपद या भाद्रो मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी का पावन पर्व मनाया जाता है। इस दिन से इस उत्सव की शुरुआत होती है और अनंत चतुर्दशी पर इसका समापन होता है। भगवान गणेश को समर्पित यह त्योहार गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस साल गणेश चतुर्थी 19 सितंबर को है। जानें गणेश चतुर्थी के दिन किस शुभ मुहूर्त में करें गणेश स्थापना व वर्जित चंद्रदर्शन टाइमिंग-
गणेश चतुर्थी के दिन होती है गणपति स्थापना-
गणेश चतुर्थी के दिन लोग ढोल-नगाड़ों के साथ विघ्नहर्ता को धूमधाम से घर लाते हैं और उनकी स्थापना करते हैं। भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। जानें भगवान गणेश के स्थापना का समय व अन्य खास बातें-
इस शुभ मुहूर्त में करें भगवान गणेश की स्थापना-
चतुर्थी तिथि 18 सितंबर 2023 को दोपहर 12 बजकर 39 मिनट से प्रारंभ होगी और 19 सितंबर को दोपहर 01 बजकर 43 मिनट पर समाप्त होगी। गणेश स्थापना या पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 01 मिनट से दोपहर 01 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। मुहूर्त की कुल अवधि 02 घंटे 27 मिनट की है।
गणेश चतुर्थी के दिन नहीं किए जाते हैं चंद्रदर्शन-
शास्त्रों के अनुसार, चतुर्थी के दिन चंद्रमा के दर्शन से बचना चाहिए। अगर चंद्रमा को देख लिया को झूठा कलंक लग सकता है। ठीक उसी तरह से जिस तरह से भगवान श्रीकृष्ण को स्यमंतक मणि चुराने का लगा था। कहा जाता है कि अगर किसी व्यक्ति ने भूलवश चंद्रदर्शन कर लिया हो कृष्ण स्यमंतक कथा को पढ़ने या सुनने से भगवान गणेश क्षमा कर देते हैं।
इस समय भूलकर भी न करें चंद्रदर्शन-
एक दिन पूर्व, वर्जित चंद्रदर्शन का समय - 12:39 पी एम से 08:10 पी एम, सितंबर 18
अवधि - 07 घंटे 32 मिनट
वर्जित चन्द्रदर्शन का समय - 09:45 ए एम से 08:44 पी एम
अवधि - 10 घण्टे 59 मिनट्स
गणेश विसर्जन कब होगा-
इस साल गणेश विसर्जन 28 सितंबर 2023, गुरुवार को किया जाएगा।
: आज विराजमान होंगे गणपति
Tue, Sep 19, 2023
रायपुर
राजधानी रायपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में मंगलवार को विघ्नहर्ता भगवान गणेश की प्रतिमाएं विराजमान होंगी। सभी जगहों पर तैयारियां अंतिम चरण पर है। बात करें राजधानी रायपुर की तो यहां पर छोटी-बड़ी जगहों पर करीब 15 हजार से ज्यादा प्रतिमाएं स्थापित होने की संभावनाएं है। इस बार अलग-अलग अवतारों में भगवान गणेश की प्रतिमाएं विराजमान होंगी।राजधानी रायपुर के मूर्तिकारों ने बताया कि इस बार राजधानी में भगवान के अलग-अलग अवतारों में गणपति बप्पा की मूर्ति तैयार की गई है। इनमें शिव, कृष्ण, बालाजी, अर्धनारीश्व, गणपति के बाल स्वरूप के साथ राम दरबार और भगवान श्री राम के अवतार में गणपति की मूर्तियों की स्थापना मंगलवार को होंगी।गोल बाजार के पंडाल में इस बार झांकी में भगवान कृष्ण की लीलाएं देखने मिलेगी, सुदामा और कृष्ण की मित्रता के भाव के साथ झांकी में राधा रानी का प्रेम भी दिखेगा। भगवान कृष्ण राधा जी को मेहंदी लगाते नजर आएंगे। मीरा की भक्ति के भाव भी दिखाई देंगे। श्री बजरंग नवयुवक मित्र मंडल गणेश उत्सव समिति हनुमान मंदिर गोल बाजार में गणेश उत्सव की तैयारी पूरी कर ली गई है। यही सोने के मुकुट वाले भगवान गणेश को विराजमान किया जाएगा। इस बार भगवान गणेश रिद्धि सिद्धि के साथ विराजमान होंगे। झांकी की भी खास सजावट की जा रही है।