: तीजहारिन बहनें आज तोड़ेंगे अपना निर्जला उपवास
Tue, Sep 19, 2023
रायपुर
रविवार की देर रात तक तीजा त्यौहार मनाने आई तीजहारिनों बहनों ने कड़ू-भात खाकर अपना रात 12 बजे से अपना निर्जला उपवास शुरू कर दिया है और अब वे मंगलवार की सुबह पूर्जा-अर्चना कर अपना निर्जला उपवास तोड़ेंगी। प्रसाद के रुप में वे ठेठरी, खुरमी और सूजी से बने पकवान को ग्रहण करेंगी। सोमवार को निर्जला उपवास रखने वाली महिलाएं और युवतियों ने फुलहरा सजाकर भगवान शिव और पार्वती की पूजा -अर्चना की।
: हरतालिका तीज, विश्वकर्मा पूजा और चौरचन का एक ही दिन होना है विशेष संयोग
Thu, Sep 14, 2023
इस बार विश्वकर्मा पूजा, हरतालिका तीज और चौठचंद जिसे चौरचन भी कहा जाता है, ये तीनों पर्व एक ही दिन मनाए जाएंगे. यह एक विशेष संयोग है या और कुछ? विश्वकर्मा पूजा तो हर साल 17 सितंबर को ही होती थी, लेकिन इस बार 18 सितंबर को होगी. इस पर क्या कहती है ज्योतिष गणना? क्या होगी पूजा की विधि. अंग्रेजी तारीख से इसका कुछ लेना देना नहीं है. यह संक्रांति के अनुसार मनाई जाती है.इस बार विश्वकर्मा पूजा, हरतालिका तीज और चौरचन व्रत तीनों एक ही दिन 18 सितंबर को मनाए जाएंगे. एक विशेष संयोग है कि तीनों पर्व एक ही दिन पड़े. कुछ लोगों के मन में उलझन है कि विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर को होती थी, लेकिन इस बार 18 सितंबर कैसे हो गई. बता दें कि किसी भी सनातनी पर्व, त्योहार का अंग्रेजी तारीख से कोई लेना-देना नहीं होता. यह संक्रांति के अनुसार मनाई जाती है. इस वर्ष संक्रांति 18 सितंबर को है. इसलिए विश्वकर्मा पूजा इस बार 18 सितंबर को की जाएगी.
जानें शुभ मुहूर्त
पूजा के शुभ मुहूर्त की बात करें तो उसमें विश्वकर्मा पूजा अधपहरा के बाद दिन में की जाएगी. चौथ चंद्र जिसे चौरचन भी कहते हैं, चंद्रमा के उदय होते ही दही या कोई फल लेकर इसकी पूजा की जाएगी. वहीं तीज में पूरी रात्रि जाकर भजन कीर्तन विवाहित महिलाएं करती हैं, अगले दिन सुबह में विसर्जन होता है.
: 30 को मनाया जाएगा रक्षाबंधन, बहनें 31 को भी बांधेगीं राखी
Tue, Aug 15, 2023
भाई- बहन का सबसे पवित्र त्यौहार रक्षाबंधन इस बार एक के बजाय दो दिनों तक चलेगा. हिंदू पंचांग के अनुसार रक्षाबंधन इस साल 30 अगस्त को मनाया जाना है. लेकिन राखी बांधने का शुभ मुहूर्त 30 अगस्त की रात से प्रारंभ होकर 31 अगस्त सुबह 7 बजे तक चलेगा. भद्रा होने की वजह से बहनें दिन में रक्षासूत्र नहीं बांध सकेंगीं. इसलिए इस साल दो दिन 30 और 31 अगस्त को राखी का त्यौहार मनाया जा रहा है. 31 तारीख को देशभर के देवालयों में राखी पर्व मनाया जाएगा.इस बार श्रावण शुक्ल पूर्णिमा 30 अगस्त बुधवार को सुबह 10 बजकर 59 मिनिट से शुरू होगी. यह अगले दिन 31 अगस्त को सुबह 7 बजकर 6 मिनिट तक जारी रहेगी. पूर्णिमा की शुरुआत के साथ भद्रा सुबह 10 बजकर 59 मिनिट से बजे से शुरू होकर रात 9 बजे तक रहेगी. दिन में राखी बांधने का मुहूर्त नहीं रहेगा क्योंकि पंचाग के मुताबिक किसी पर्व पर भद्रा विशेष रूप से वर्जित बताई गई है. ऐसे में राखी बांधने का मुहूर्त 30 अगस्त को रात 9 बजे से 31 अगस्त सुबह 7 बजे तक ही रहेगा.
राजस्थान के देवालयों में 31 को मनाया जाएगा रक्षाबंधन का पर्व
31 अगस्त को सूर्योदय के बाद सिर्फ 57 मिनट ही पूर्णिमा रहेगी. ऐसे में भद्रा खत्म होने के बाद ही 31 अगस्त को मंदिरों में भगवान को राखी बांधी जाएगी. आमतौर पर लोग भगवान के दर्शन और रक्षासूत्र अर्पित करने के बाद ही पर्व मनाते हैं. जयपुर में इस्कॉन मंदिर और अक्षयपात्र मंदिर के साथ ही राजस्थान के सभी बड़े मंदिर जैसे- नाथद्वारा, सालासर बालाजी, वृंदावन सहित अन्य मंदिरों में 31 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा. मंदिर प्रबंधनों के मुताबिक भद्राकाल खत्म होने के बाद ही राखी बांधी जा सकती है. इस दौरान बड़ी संख्या में भक्त भगवान के समक्ष रक्षासूत्र अर्पित करेंगे. मंदिरों में सोने—चांदी की विशेष झांकियां आकर्षण का केंद्र होगी.
क्यों मनाया जाता है रक्षाबंधन?
हिंदू धर्म में रक्षाबंधन को भाई- बहन के प्यार का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है. इसे हर साल हिंदू पंचांग के मुताबिक सावन की पूर्णिमा को मनाया जाता है. रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधती हैं, जबकि भाई अपनी बहन को रक्षा का वचन देते हैं. एक- दूसरे को मिठाई खिलाते हैं और उपहार भी देते हैं. रक्षाबंधन का त्यौहार मनाने के पीछे बहुत सी पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं.